इस बार मजा नहीं आया

मेरे Homeyard में लीची के दो और आम के भी दो पेड़ हैं।


आम के छोटे पेड़ में कभी फूल-फल लगते ही नहीं। इसकी किस्म ही खराब है। बड़े पेड़ में जोकि तोतापरी है, यह बौर से लद गई थी। पर, इस वर्ष के खराब मौसम की वजह से अधिकांश फूल झड़ गये। कुल 920 फल लगे थे। इनमें से 110 ही Mature हो पाये।

मन ही खट्टा हो गया।

वहीं लीची में तो फूल तक नहीं आये।

लीची खरीद कर खाना पड़ा।

It was pathetic, really!

Post a comment

0 Comments