मुझे जिंदगी में क्या करनी चाहिए: नौकरी या बिजनेस या कुछ और?

मुझे जिंदगी में क्या करनी चाहिए: नौकरी या बिजनेस या कुछ और?

'मुझे जिंदगी में क्या करनी चाहिए? नौकरी, बिजनेस या कुछ और?' यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्न है, क्योंकि जैसे ही एक बच्चा जन्म लेता है, उसी समय से ही उसका भविष्य उसके परिवार के सदस्यों के द्वारा तय कर दी जाती है। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होते जाता है तो उसके दिमाग में निम्न सोंच समय के साथ-साथ विकसित होते जाते हैं:

1. स्कूल नहीं जाना है, टीचर मारते हैं।
2. परीक्षा में सबसे ज्यादा अंक लाने हैं, या कम से कम टॉप-10 में रहना है।
3. प्राइमरी स्कूल में अच्छा नहीं लगता, मिडिल स्कूल में मजा आयेगा।
4. मिडिल स्कूल में आने पर हाईस्कूल अच्छा लगने लगता है क्योंकि वहाँ मार नहीं पड़ती।
5. हाईस्कूल में जाने के बाद एक स्टूडेंट को लगता है कि कॉलेज से स्वतंत्र जगह कोई नहीं। लेकिन,
6. अगर पेशेवर महाविद्यालयों की बाद करें, जहाँ शैक्षिक वर्ष को एक जिम्मेदारी के तौर पर पूरा करना पड़ता है, वहाँ से दिमाग में एक ही बात आती है कि अब पढ़ाई बहुत हो गयी, जिंदगी के आधे साल मैंने पढ़ाई में बिता दिया, अब बस किसी तरह एक नौकरी तो मिल जाये तो जिंदगी आरामदायक हो जाएगी। लेकिन यह एक भूल है क्योंकि,
7. एक बार नौकरी लग जाने के बाद इंसान वर्कलोड और टेंशन से इतना दब जाता है कि वह उस दिन को कोसता है जिस दिन उसने प्रतियोगी परीक्षा लिखी थी अथवा नौकरी के लिए इंटरव्यू दिया था। और वह नौकरी से निजात पाने के कई वैकल्पिक तरीके ढूंढता है।

हालाँकि 99% नौकरी करने वाले लोग इसे ही अपना सौभाग्य समझकर जिंदगी के आधे वर्ष नौकरी में ही बीता देते हैं।

परन्तु नौकरी तो नौकरी ही होती है चाहे वह प्राइवेट हो या सरकारी। और नौकर, नौकर ही होते हैं चाहे वह किसी भी पद में हो। और इसलिए कुछ लोग नौकरी न मिल पाने के वजह से व्यवसाय के क्षेत्र में अपना भाग्य आजमाते हैं। कुछ सफल होते हैं, कुछ संघर्ष करते हैं और कुछ असफल हो जाते हैं। आगे देखते हैं कि व्यवसाय की दुनिया कैसी है-

1. ऐसा लगता है कि नौकरी ना करके व्यवसाय ही करें।
2. खुद के मालिक खुद ही होंगे।
3. व्यवसाय प्रारम्भ पर पैसा निवेश करना पड़ता है।
4. शुरुआती दौर में कुछ भी नहीं मिलता।
5. किसी को जल्दी सफलता मिलती है, किसी को देर से और किसी को कुछ मिलता ही नहीं।

आगे देखिए!

आप जिंदगी में क्या करते हैं?

आपका उत्तर है-

1. बचपन में प्राइमरी और मिडिल स्कूल जाते हैं।
2. जवानी की दहलीज में हाईस्कूल जाते हैं।
3. जवानी में कॉलेज जाते हैं।
4. प्राइवेट नौकरी के लिए कहीं इंटरव्यू देते हैं अथवा सरकारी नौकरी के लिए किसी प्रतियोगी परीक्षा में भाग लेते हैं। नौकरी मिल जाने पर जी जान से नौकरी में लग जाते हैं। अथवा,
5. कोई बिजनेस प्रारम्भ करते हैं। बिजनेस या तो सफल भी हो सकता है या असफल।
6. अन्त में शादी करते हैं, और अभी तक जिंदगी में मिली आर्थिक सफलता या असफलता के आधार पर भविष्य में आगे बढ़ते हैं।

क्या नौकरी करनी चाहिए?

हर 100 व्यक्तियों में से 1 हो व्यक्ति ऐसे होते हैं जो नौकरी को अपनी जिंदगी में प्राथमिकता की सूची में नहीं लाते। ऐसे व्यक्ति अपने लगन से ऐसे क्षेत्र में बढ़ना चाहते हैं जो उनकी प्राथमिकता होती है, जो उनके मन के काम होते हैं। ऐसे व्यक्ति किसी भी तरह की रिस्क लेने में नहीं कतराते।

नौकरी करने के निम्न. फायदे हैं:

  • हर महीने पैसे आते हैं।
  • Loan पर कार मिल जाती है।
  • Loan पर घर बन जाते हैं।
  • बैंक से loan मिलना आसान हो जाता है।
  • छुट्टी मिल जाते हैं।
  • भत्ता भी मिलता है।
  • घर वाले खुश रहते हैं।
  • शादी के लिए लड़की मिल जाती हैं, क्योंकि हर ससुर की पहली पसंद नौकरीशुदा दामाद होते हैं।

क्या बिजनेस करनी चाहिए?

बिजनेस एक बहुत बड़ा रिस्क है जिसमें सफल होने पर आप कई नौकर रख सकते हैं। और ये वही नौकर होते हैं जो डिग्री पूरी करने के बाद पैसे के लिए आपके बिजनेस को आगे ले जाने के लिए काम करेंगे।

बिजनेस करने में निम्न. दिक्कत होते हैं-
  • हर महीने पैसे नहीं मिलते।
  •  Loan मिलने में कठिनाई होती है।
  • बिजनेस फेल होने पर कोई साथ नहीं देता। 
  •  परिवार वाले बिजनेस के समर्थन में नहीं होते। 

या अपने अंदर की सुननी चाहिए?

यह आपके ऊपर निर्भर करता है। परिवार और समाज तो वही कहेंगे जो वो करते हैं और करते आ रहे हैं।

क्या करना चाहिए?

हमेशा वही कार्य करनी चाहिए जो हमें करना है। अभी नहीं तो कुछ दिन बाद तो सफलता मिलेगी ही।

-By Harish Manik

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